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परिचय04, वेद-उपनिषद्, गीता-रामायण व संतों की वाणी में ईश्वर कैसा है?

 परमात्मा कौन है?

    प्रभु प्रेमियों, परमात्मा संबंधित जो विषय है, जैसे-- परमात्मा क्या है ?  कैसे हैं ?  उनको कैसे प्राप्त किया जा सकता है ?  उसका सही स्वरूप क्या है?  यह विषय बहुत ही गंभीर विषय है । इसको समझने के लिए बहुत दिनों तक सत्संग करना पड़ता है। पूज्यनीय लालदास जी महाराज ने सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भजन नंबर एक की व्याख्या करते हुए इस विषय में बड़ा ही अच्छा वर्णन किया है। अपने संपूर्ण ज्ञान के आधार पर अत्यंत सरल भाषा में परमात्मा से संबंधित हर तरह की संका का समाधान इसमें किया गया है। 

ईश्वर से संबंधित प्रारंभिक जानकारी की बातें इसके पहले वाले पोस्ट में दी गई है। उसे पढ़ने के लिए        यहां क्लिक करें।

SD04,  वेद-उपनिषद्, गीता-रामायण व संतों की वाणी में ईश्वर कैसा है?ईश्वरीय ज्ञान का अध्ययन करते हुए। गुरुदेव
ईश्वरीय ज्ञान का अध्ययन करते हुए। गुरुदेव

वेद-उपनिषद्, गीता-रामायण व संतों की वाणी में ईश्वर कैसा है?

    प्रभु प्रेमियों! ईश्वर का ज्ञान साधारण से साधारण आदमी को भी हो जाए। परमात्मा क्या चीज है? क्या तत्व है? उनका स्वरूप कैसा है? इसको हर कोई आसानी से समझ जाय। इसके लिए 'संतमत दर्शन' नामक पूरी पुस्तक में बहुत ही सुंदर ढंग से व्याख्याा की गई है। आइये यहां उसी व्याख्या का पाठ करें-

SD04,  वेद-उपनिषद्, गीता-रामायण व संतों की वाणी में ईश्वर कैसा है? ईश्वर की संपूर्ण जानकारी युक्त भजन।
ईश्वर की संपूर्ण जानकारी युक्त भजन

SD04,  वेद-उपनिषद्, गीता-रामायण व संतों की वाणी में ईश्वर कैसा है? संतमत दर्शन में ईश्वर कैसा है?
संतमत दर्शन में ईश्वर कैसा है?

SD04,  वेद-उपनिषद्, गीता-रामायण व संतों की वाणी में ईश्वर कैसा है? संतमत दर्शन में ईश्वर का स्वरूप।
संतमत दर्शन में ईश्वर का स्वरूप

SD04,  वेद-उपनिषद्, गीता-रामायण व संतों की वाणी में ईश्वर कैसा है? ईश्वर का जन्म हुआ है कि नहीं।
ईश्वर का जन्म हुआ है कि नहीं

SD04,  वेद-उपनिषद्, गीता-रामायण व संतों की वाणी में ईश्वर कैसा है? संतमत दर्शन में ईश्वर की शक्ति।
 संतमत दर्शन में ईश्वर की शक्ति

SD04,  वेद-उपनिषद्, गीता-रामायण व संतों की वाणी में ईश्वर कैसा है? वेद उपनिषदों में ईश्वर
वेद उपनिषदों में ईश्वर 

SD04,  वेद-उपनिषद्, गीता-रामायण व संतों की वाणी में ईश्वर कैसा है? संतों की दृष्टि में ईश्वर स्वरूप
संतों की दृष्टि में ईश्वर स्वरूप

SD04,  वेद-उपनिषद्, गीता-रामायण व संतों की वाणी में ईश्वर कैसा है? ईश्वर की उत्पत्ति कैसे हुई?
ईश्वर की उत्पत्ति कैसे हुई?

ईश्वर से संबंधित गुरु महाराज के प्रवचन

सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज ने हर तरह से उदाहरण देकर इस प्रवचन में समझाया है।  परमात्मा क्या है? इसको समझने के लिए इस प्रवचन को अवश्य देखें सुने।  जिन लोगों को गुरु महाराज के छपे प्रवचन स्वयं पढ़ने की इच्छा हो। तो वे हमारा सत्संग ध्यान ब्लॉग पर  अच्छी तरह  पढ़ सकते है।


प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के विचारों से आप ने जाना कि परमात्मा क्या है ?  कैसे हैं ?  उनको कैसे प्राप्त किया जा सकता है ? ईश्वर क्या है? ईश्वर कैसा है? उसका सही स्वरूप क्या है?  इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस लेख के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी इससे लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले  पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी।

इस पोस्ट के  बाद वाले पोस्ट में बताया गया है कि - मनुष्य जीवन में गुरु का स्थान क्या है ?गुरु क्यों बनाना चाहिए ? इस पोस्ट को पढ़ने के लिए

 यहां दबाएं।

परिचय04, वेद-उपनिषद्, गीता-रामायण व संतों की वाणी में ईश्वर कैसा है? परिचय04,  वेद-उपनिषद्, गीता-रामायण व संतों की वाणी में ईश्वर कैसा है? Reviewed by सत्संग ध्यान on 1/15/2020 Rating: 5

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